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सूर्य और दिन का उजाला

दिगंश और ऊँचाई: आकाश में सूर्य और जमीन पर छाया समझें

संक्षेप में समझें

दो कोण सूर्य की स्थानीय दिशा बताते हैं: दिगंश क्षितिज पर दिशा और ऊँचाई क्षितिज के ऊपर का कोण है। पृथ्वी के घूर्णन से दिनभर और अक्ष के झुकाव व परिक्रमा से ऋतुओं में बदलते हैं। Apphemeride वर्तमान स्थान के मान और पूरा दैनिक मार्ग दिखाता है।

दो कोणों से आकाश का एक बिंदु

क्षितिज निर्देशांक प्रेक्षक के स्थानीय समतल पर आधारित हैं। आकाश को गुम्बद समझें, जिसका आधार क्षितिज और ठीक ऊपर का सिरा **शिरोबिंदु** है।

  • **दिगंश A:** सामान्य उत्तरी शून्य से पूर्व की ओर क्रम में उत्तर 0°, पूर्व 90°, दक्षिण 180°, पश्चिम 270°। कुछ पुराने स्रोत दक्षिण से गिनते हैं, इसलिए परिभाषा जाँचें।
  • **ऊँचाई h:** क्षितिज 0°, शिरोबिंदु 90°, नीचे ऋणात्मक। शिरोबिंदु-दूरी इसका पूरक 90°−h है।

एक ही क्षण दिल्ली और हानले में मान अलग होंगे। समान भारतीय मानक समय होने का अर्थ समान स्थानीय क्षितिज नहीं। संख्या के साथ तिथि, समय और स्थान चाहिए।

दिनभर सूर्य कैसे चलता है?

घूर्णन के कारण सूर्य दैनिक वृत्त पर चलता दिखता है। समय-कोण लगभग प्रति घंटे 15° बदलता है, पर दिगंश और ऊँचाई दोनों अलग-अलग हमेशा 15° प्रति घंटा नहीं बदलते। उनमें अक्षांश और सूर्य की क्रांति भी आती है।

दिल्ली-हानले कर्क रेखा के उत्तर में हैं: सूर्य पूर्वी आकाश से उठकर दक्षिण में ऊपरी याम्योत्तर पारगमन करता और पश्चिम में उतरता है। यही उस दिन का सर्वोच्च बिंदु तथा वास्तविक सौर दोपहर है, घड़ी का तय 12 नहीं। देशांतर और समय समीकरण मिलकर उसका समय बनाते हैं।

ज्यामितीय दोपहर की ऊँचाई को 90° में से अक्षांश और सौर क्रांति के अंतर का परिमाण घटाकर समझ सकते हैं। कर्क रेखा के उत्तर में जून का सूर्य ऊँचा, दिसंबर का नीचा और दो अयनांतों का अंतर लगभग 47° है। उष्णकटिबंध और दक्षिणी गोलार्ध में नियम की शर्तें बदलती हैं।

सालभर दिशा कैसे बदलती है?

पृथ्वी का अक्ष कक्षा के लंबवत दिशा से लगभग 23.4° झुका है। इसलिए सौर क्रांति लगभग ±23.4° के बीच जाती है, जिससे दोपहर की ऊँचाई और उदय-अस्त दिशा दोनों बदलती हैं।

दिल्ली और हानले में गर्मी का सूर्य उत्तर-पूर्व से उत्तर-पश्चिम का लंबा चाप, सर्दी में दक्षिण-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम का छोटा चाप बनाता है। विषुव के आसपास लगभग पूर्व-पश्चिम। सामान्यतः ऊँचे अक्षांश में मौसमी फर्क अधिक होता है।

अपवर्तन दृश्य उदय-अस्त क्षण बदलता है तो उसका दिगंश भी थोड़ा बदल सकता है। दिशा उस समय के मार्ग पर निर्भर है; यह कहना सही नहीं कि अपवर्तन हर उदय बिंदु को हमेशा उत्तर की ओर ही करता है।

छाया, सौर पैनल, बगीचे और फ़ोटो

छाया: समतल जमीन पर खड़ी वस्तु की छाया सूर्य नीचे होने पर लंबी होती है। 45° ऊँचाई पर छाया और वस्तु की ऊँचाई बराबर हैं। दिल्ली के आँगन की सर्दियों की धूप के लिए सूर्य दिशा-ऊँचाई और पड़ोसी इमारत साथ देखें।

सौर पैनल: आपतन कोण समझने का आधार सूर्य स्थिति है, पर वास्तविक उत्पादन में छाया, छत, उपकरण, बादल और तापमान आते हैं। किसी एक अक्षांश की तय झुकाव-सिफ़ारिश पूरे भारत की डिजाइन नहीं। Apphemeride संपूर्ण बिजली-उत्पादन सिमुलेटर नहीं है।

फ़ोटोग्राफ़ी और इमारतें: खिड़की में धूप, सड़क के सिरे या चोटी के पीछे सूर्य की रचना के लिए लक्ष्य दिशा से दिगंश-ऊँचाई मिलाएँ। पूरी बाँह पर एक मुट्ठी मोटे तौर पर 10° है, लेकिन व्यक्तिगत अनुपात इसे सटीक माप नहीं बनाते।

सुरक्षा: कोण जानने के लिए सूर्य को न घूरें। छाया या ऐप का सहारा लें; सौर प्रक्षेपण केवल स्पष्ट रूप से उसके लिए अनुमत उपकरण और निर्देश से करें। कोई भी टेलिस्कोप सूर्य की ओर मोड़ना सुरक्षित नहीं।

सटीकता में कौन-से सुधार आते हैं?

ज्यामितीय और दृश्य स्थिति अलग हैं। अपवर्तन क्षितिज पर लगभग आधा डिग्री तक, ऊँचे आकाश में कम और शिरोबिंदु पर लगभग शून्य होता है। दबाव और तापमान मानक से अंतर पैदा करते हैं।

सूर्य का क्षैतिज लंबन लगभग 9 कोणीय सेकंड है। सामान्य छाया में छोटा, पर मापन और नौवहन में महत्त्वपूर्ण हो सकता है। प्रेक्षक ऊँचाई की क्षितिज-नति और वास्तविक चोटी-बिल्डिंग की बाधा अलग हैं।

दक्षिणी उष्णकटिबंधीय रेखा से दक्षिण सूर्य दोपहर में उत्तर में होता है। दोनों रेखाओं के बीच तारीख के अनुसार उत्तर, दक्षिण या शिरोबिंदु पर हो सकता है। “दोपहर का सूर्य दक्षिण में” केवल बताए हुए भूभाग का नियम है।

Apphemeride में देखें

Apphemeride में देखें

“क्षितिज ट्रैकर” ऊँचाई का आलेख, ध्रुवीय दिशा-समय घड़ी, दिगंश-अक्षांश संबंध और 24 घंटे दृश्यता पट्टी देता है। उदय-अस्त-पारगमन में समय और दिशा, संबंधित सुधार कार्ड में अपवर्तन देखें। “पृथ्वी” मानचित्र सूर्य अधोबिंदु भी दिखाता है, जहाँ वह सिर के ऊपर है।

वर्तमान GPS के मूल सूर्य कार्ड मुफ़्त हैं। पूर्ण संस्करण से समय और स्थान बदलकर दिल्ली की सर्दी की धूप या हानले यात्रा की तारीख देखें। लाइव सूर्यकलंक पूर्ण संस्करण तथा इंटरनेट माँगता है। पिंड पृष्ठ में विस्तार देखें।

Apphemeride सूर्य “क्षितिज ट्रैकर” में उदय, ऊपरी पारगमन और अस्त, सौर चिह्न वाली ध्रुवीय घड़ी, वर्तमान दिगंश और ऊँचाई दिखते हैं।
दिगंश दिशा देता है; ऊँचाई क्षितिज से ऊपर का कोण बताती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दोपहर में सूर्य कितना ऊँचा होता है?

अक्षांश और तारीख से तय होता है। दिल्ली-हानले में गर्मी में ऊँचा और सर्दी में नीचा है। स्थानीय तिथि की क्रांति के साथ संबंध समझें और वास्तविक मान पिंड पृष्ठ से देखें।

दिगंश 180° क्या है?

उत्तर से पूर्व की ओर गिनने पर ठीक दक्षिण। कर्क रेखा के उत्तर सूर्य वहाँ ऊपरी पारगमन करता है, लेकिन हर देश और हर अक्षांश का नियम नहीं।

क्या दिल्ली या हानले में सूर्य ठीक सिर के ऊपर आता है?

नहीं। यह दोनों उष्णकटिबंधीय रेखाओं के बीच और उनकी सीमाओं पर संभव है। दिल्ली-हानले कर्क रेखा के उत्तर हैं, जबकि भारत के उष्णकटिबंधीय भागों में उपयुक्त तारीख पर संभव है।

छाया की दिशा और लंबाई किससे तय है?

समतल जमीन पर सीधी वस्तु के लिए ऊँचाई लंबाई और सूर्य की विपरीत दिशा छाया दिशा तय करती है। जमीन का ढलान, वस्तु का झुकाव और बाधाएँ हों तो वे भी जुड़ती हैं।

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